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छठे चरण में कई दिग्गजों की किस्मत दांव पर…..

केन्द्रीय मंत्रियों राधामोहन सिंह, हर्षवर्धन और मेनका गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेताओं दिग्विजय सिंह तथा ज्योतिरादित्य सिंधिया की किस्मत का होगा फैसला....

नयी दिल्ली : छह राज्यों और दिल्ली की 59 लोकसभा सीटों पर रविवार को होने वाले मतदान के साथ केन्द्रीय मंत्रियों राधामोहन सिंह, हर्षवर्धन और मेनका गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेताओं दिग्विजय सिंह तथा ज्योतिरादित्य सिंधिया की किस्मत का फैसला हो जाएगा। छठे दौर के इस चुनाव में उत्तर प्रदेश की 14, हरियाणा की 10, बिहार और मध्य प्रदेश की 8-8, दिल्ली की सात और झारखंड की चार सीटों पर मतदान होना है। इस चरण में कुल 10.17 करोड़ मतदाता मतदान के योग्य हैं जो 979 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। चुनाव आयोग ने चुनाव के सुचारू संचालन के लिए 1.13 लाख से अधिक मतदान केंद्र बनाए हैं। लोकसभा चुनाव के इस चरण को भाजपा के लिये कड़ी परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि 2014 के चुनाव में भाजपा ने इनमें से 45 सीटें जीतीं थीं जबकि तृणमूल कांग्रेस को आठ, कांग्रेस को दो और समाजवादी पार्टी और लोजपा को एक-एक सीट पर जीत मिली थी। भाजपा ने 2014 के चुनाव में इस चरण में उत्तर प्रदेश की 14 में से 13 सीटों पर जीत हासिल की थी, एकमात्र अपवाद आजमगढ़ था जहां से सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को जीत मिली थी। हालांकि भाजपा को बीते साल फूलपुर और गोरखपुर संसदीय सीट पर हुए उपचुनाव में हार का सामना करना पड़ा था, ऐसे में भाजपा विरोधी गठबंधन इस सीट पर अपनी जीत को बरकरार रखने की उम्मीद लगाए हुए है। इस सीट की अहमियत को इस बात से समझा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने से पहले योगी आदित्यनाथ 1998 से 2017 तक लगातार चुनाव जीतते रहे थे। इसी तरह भाजपा ने 2014 में पहली बार फूलपुर सीट पर जीत हासिल की थी। एक समय देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का संसदीय क्षेत्र रहे फूलपुर से केशव प्रसाद मौर्य ने चुनाव जीता था। 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद केशव राज्य के उपमुख्यमंत्री बन गए थे, जिसके बाद फूलपुर सीट खाली हो गई थी। आजमगढ़ में इस बार अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम सिंह यादव की जगह चुनाव लड़ रहे हैं जिनका मुकाबला भाजपा उम्मीदवार और भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल निरहुआ है। सुल्तानपुर में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है जहां भाजपा ने केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी को मैदान में उतारा है। इस सीट पर पिछले चुनाव में उनके बेटे वरुण गांधी ने जीत हासिल की थी। इस बार मां-बेटे की सीट में अदला बदली की गई। मेनका वरुण की जगह सुल्तानपुर से चुनाव लड़ रही हैं तो वरुण अपनी मां मेनका की सीट पीलीभीत से किस्मत आजमा रहे हैं। मध्य प्रदेश की भोपाल, मुरैना, भिंड (आरक्षित), ग्वालियर, गुना, सागर, विदिशा और राजगढ़ सीटों पर भी मतदान होगा। मध्य प्रदेश में यह तीसरे चरण का मतदान है। यहां पहले चरण में 29 अप्रैल और दूसरे चरण में 6 मई को मतदान हो चुका है। अंतिम चरण का मतदान 19 मई को होगा। भोपाल सीट पर सभी की निगाहें टिकी हैं, जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बीच मुकाबला है। वहीं गुना सीट पर कांग्रेस महासिचव और उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव लड़ रहे हैं। मुरैना से केन्द्रीय मंत्री और भाजपा नेता नरेन्द्र सिंह तोमर मैदान में हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां सभी सात सीटों पर चुनाव होना है, जहां 18 महिलाओं समेत 164 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं।

दिल्ली में भाजपा, आप और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद……

राजधानी में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और उम्मीदवार शीला दीक्षित, मुक्केबाज विजेन्दर सिंह, भाजपा उम्मीदवार और केन्द्रीय मंत्री हर्षवर्धन, आम आदमी पार्टी उम्मीदवार आतिशी और क्रिकेटर तथा नेता और भाजपा उम्मीदवार गौतम गंभीर पर सभी की निगाहें टिकी हैं। हरियाणा में केन्द्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और कृष्णपाल गुर्जर समेत 223 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और रोहतक से कांग्रेस के मौजूदा विधायक भूपेन्द्र सिंह हुड्डा इस बार लोकसभा चुनाव में सोनीपत से किस्मत आजमा रहे हैं। इससे पहले हुड्डा रोहतक से चार बार सांसद रह चुके हैं। अन्य उम्मीदवारों में केन्द्रीय मंत्री बीरेन्द्र सिंह के बेटे बृजेन्द्र सिंह (भाजपा) और पूर्व केन्द्रीय मंत्री भजन लाल के पोते भव्य बिश्नोई (कांग्रेस) हिसार सीट पर एक दूसरे के सामने हैं। इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री ओ पी चौटाला के पोते तथा नवगठित जननायक जनता पार्टी के उम्मीदवार दुष्यंत चौटाला भी मैदान में हैं। दुष्यंत यहां से मौजूदा सांसद हैं।पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस उम्मीदवार कुमारी शैलजा अंबाला और प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अशोक तंवर सिरसा से चुनाव लड़ रहे हैं।पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, भाजपा, कांग्रेस और वाम मोर्चे के घटक दलों भाकपा और फॉरवर्ड ब्लॉक मुख्य दावेदार हैं। इस चरण में बांकुरा के वन क्षेत्र जंगलमहल, पश्चिम मिदनापुर, झारग्राम और पुरुलिया जिलों मतदान होना है, जो पूर्ववर्ती वाम मोर्चा सरकार के दौरान माओवादियों का गढ़ कहे जाते थे। झारखंड में राज्य के मंत्री चन्द्रप्रकाश चौधरी, पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजा और पूर्व मुख्यमंत्री मंत्री मधु कोड़ा की पत्नी गीता समेत 67 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चरण में झारखंड की धनबाद, गिरीडीह, जमशेदपुर और सिंघभूम (आरक्षित) सीटों पर चुनाव होना है। 2014 में इन सभी सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। कुल मिलाकर 31,79,720 महिलाओं और थर्ड जेंडर के 116 मतदाताओं समेत, 66,85,401 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के योग्य हैं। वहीं बिहार में 127 उम्मीदवार मैदान में है, जिनमें केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह समेत चार मौजूदा सांसद शामिल हैं। इस चरण में रविवार को राज्य की आठ लोकसभा सीटों शिवहर, वाल्मिकी नगर, पश्चिमी चंपारन, पूर्वी चंपारन, सीवान, गोपालगंज, महाराजगंज और वैशाली में मतदान होना है। बिहार के 127 उम्मीदवारों में 16 महिला उम्मीदवार हैं। इनमें वैशाली सीट पर 8, सीवान में चार और शिवहर, महाराजगंज, पूर्वी चंपारन और वाल्मिकी नगर सीट पर एक एक महिला उम्मीदवार हैं।

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